अयोध्या के राम मंदिर दान घोटाले मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा के खिलाफ उनकी ही चाची नेहा मिश्रा ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

नेहा का दावा है कि मंदिर प्रशासन में नौकरी मिलने के बाद अनुकल्प ने अचानक अपनी आर्थिक स्थिति सुधार ली। उन्होंने नोएडा में महंगा फ्लैट खरीदा, कई जगहों पर जमीनें लीं और अपने रिश्तेदारों को भी मंदिर ट्रस्ट में नियुक्तियां दिलवाईं।

अनुकल्प मिश्रा कौन हैं?

  • अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के बसवान गांव के निवासी।
  • मंदिर ट्रस्ट में दान राशि गिनने और रखरखाव की जिम्मेदारी।
  • SIT जांच में मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं।
  • भाई लवकुश मिश्रा और अन्य परिचित भी आरोपी।

नेहा मिश्रा का बड़ा खुलासा

नेहा ने आरोप लगाया कि:

  • नोएडा फ्लैट खरीदा।
  • पांच-छह जगहों पर महंगी जमीनें लीं।
  • बहनोई लवकुश को मंदिर प्रशासन में नौकरी दिलवाई।
  • अप्रैल में आयोजित भगवत कथा में भारी खर्च किया।
  • रिश्तेदारों और दूसरी पत्नी के परिवार को आर्थिक मदद दी।

पारिवारिक विवाद भी जुड़ा

नेहा मिश्रा का कहना है कि तलाकशुदा होने के बाद भी उन्हें गांव में एक कमरा अदालत के आदेश से मिला था। लेकिन अनुकल्प और उनके पिता ने ताला तोड़कर सामान बाहर फेंक दिया। 30 अप्रैल को जब वे गांव लौटीं तो उनके साथ मारपीट भी हुई।

SIT जांच की दिशा

  • SIT ने बैंक स्टेटमेंट और मंदिर ट्रस्ट अधिकारियों से पूछताछ की।
  • अब नेहा मिश्रा का बयान भी दर्ज किया जा सकता है।
  • अब तक 2 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी हो चुकी है।
  • कुल 7.5 करोड़ रुपये गायब होने का आरोप।

राजनीतिक और सामाजिक असर

  • विपक्ष ने सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए।
  • भाजपा का कहना है कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा।
  • CM योगी आदित्यनाथ ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।

निष्कर्ष

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में नेहा मिश्रा का खुलासा SIT जांच को नया आयाम दे रहा है। यह मामला दिखाता है कि कैसे आस्था से जुड़ी दान राशि का दुरुपयोग कर निजी संपत्ति और प्रभाव हासिल किया गया। भक्तों की नजर अब SIT रिपोर्ट पर है।

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